Former students formed GBHSOSA, took up the responsibility of पूर्व छात्रों ने बनाई GBHSOSA, जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा का उठाया जिम्मा

पूर्व छात्रों ने बनाई GBHSOSA, जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा का उठाया जिम्मा

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Former students formed GBHSOSA, took up the responsibility of

सेक्टर-20 डी स्थित गवर्नमेंट बेसिक हाई स्कूल जो अब गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल के नाम से जाना जाता है के पूर्व छात्रों ने अपने स्कूल के जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के उद्देश्य से गवर्नमेंट बेसिक हाई स्कूल ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन का गठन किया है।


एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें और अपने तथा अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बना सकें। इसके तहत छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म, पुलोवर, जूते उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही पूरे वर्ष की स्कूल फीस और अन्य आवश्यक खर्च भी एसोसिएशन द्वारा वहन किए जाएंगे।


अपने पहले चरण में जी भसोसा (GBHSOSA) ने मंगलवार को स्कूल प्रशासन द्वारा चिन्हित 30 विद्यार्थियों को सर्दियों की यूनिफॉर्म के तहत पुलोवर और जूते वितरित किए। इसके साथ ही स्कूल को सात बड़े मैट भी भेंट किए गए, ताकि खुले मैदान में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को जमीन पर न बैठना पड़े।


इस अवसर पर 1972 बैच के ऑल इंडिया टॉपर अनिल मेहता, जो वर्तमान में अमेरिका में रह रहे हैं, विशेष रूप से चंडीगढ़ पहुंचे। उनकी उपस्थिति छात्रों के लिए प्रेरणादायक रही। उन्होंने बताया कि उनके समय में कई छात्र फीस भरने तक के लिए संघर्ष करते थे, लेकिन शिक्षा के प्रति लगन ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया।


इससे पहले दिन में 1972 बैच की कक्षा 10 (सेक्शन-E) के पांच पूर्व छात्रों, सुखदर्शन जैन, श्याम लाल, इंदर मोहन सोफत और अनिल मेहता सहित अन्य ने स्कूल के प्रिंसिपल मनमोहन सिंह और कक्षा 10 के शिक्षकों की टीम के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने कक्षा 10 के विद्यार्थियों को संबोधित किया और अपने करियर, संघर्ष और उपलब्धियों के अनुभव साझा किए। जी भसोसा ने यह भी दोहराया कि आने वाले वर्षों में वह हर साल कम से कम 30 जरूरतमंद और योग्य विद्यार्थियों की फीस और अन्य शैक्षणिक खर्चों की जिम्मेदारी उठाता रहेगा, जिनकी पहचान स्कूल प्रशासन द्वारा की जाएगी। स्कूल प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पूर्व छात्रों की सामाजिक जिम्मेदारी और विद्यालय के प्रति जुड़ाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।